
आसमां के पार शायद और कोई आसमां होगा
आसमां के पार शायद और कोई आसमां होगा
बादलों के परबतों पर कोई बारिश का मकां होगा
मैं हवा के परों पे कहां जा रहा हूं कहां

कभी उडता हुआ, कभी मुडता हुआ
मेरा रास्ता चला, ओ हो हो हो...
मैं हवा के परों पे कहां जा रहा हूं कहां

मेरे पांव के तले की ये ज़मीं चल रही है
कहीं धूप ठंडी ठंडी
कहीं छांव जल रही है
इस ज़मीं का और कोई आसमां होगा
होगा आसमां,
आसमां होगा
मैं हवा के परों पे कहां जा रहा हूं कहां

इन लंबे रास्तों पर सब तेज़ चलते होंगे
इन लंबे रास्तों पर सब तेज़ चलते होंगे
कापी के पन्नों की जैसे यहां दिन पलटते होंगे
शाम को भी सुबह जैसा क्या समा होगा
होगा क्या समा
क्या समा होगा
मैं हवा के परों पे कहां जा रहा हूं कहां

आसमां के पार शायद और कोई आसमां होगा
बादलों के परबतों पर कोई बारिश का मकां होगा
हो मैं हवा के परों पे कहां जा रहा हूं कहां

कभी उडता हुआ, कभी मुडता हुआ
मेरा रास्ता चला, ओ हो हो हो...
मैं हवा के परों पे कहां जा रहा हूं कहां
मैं हवा के परों पे कहां जा रहा हूं कहां
मैं हवा के परों पे कहां जा रहा हूं कहां
